• नगरपालिकाबोर्ड द्वारा शहर के सौन्दर्य को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों में 56 लाख के कार्य और जुड़ गए हैं। नगरपालिका द्वारा शहर की सीमा पर जयपुर एवं पाली की तरफ विशाल एवं भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण करवाया जाएगा। पालिकाध्यक्ष श्री दिनेश कुमार मीणा ने बताया कि शहर में चारों ओर सौन्दर्यकरण का कार्य चल रहा है। नगरपालिका सीमा में पाली एवं जयपुर की तरफ से प्रवेश सीमा पर 26 -26 लाख की लागत से दो प्रवेश द्वारों का निर्माण करवाया जाएगा।

 पासपोर्ट क्यों आवश्यक है ?

पासपोर्ट शिक्षा, तीर्थाटन, पर्यटन, व्यापार, चिकित्सा एवं अपने पारिवारिक सदस्यों से मिलने के उद्देश्य से विदेश आने-जाने वाले लोगों के लिए यात्रा के दौरान एक महत्वपूर्ण प्रलेख होता है। पिछले कुछ वर्षों में, बढ़ती अर्थव्यवस्था एवं भूमंडलीकरण के प्रसार की वजह से पासपोर्ट एवं संबंधित सेवाओं की मांग में वृद्धि हुई है। सेवाओं की इस बढ़ती मांग की पूर्ति के लिए विदेश मंत्रालय ने मई 2010 में पासपोर्ट सेवा परियोजना की शुरुआत की।

पासपोर्ट सेवा की मदद से पासपोर्ट और संबंधित सेवाओं के प्रदायगी की प्रक्रिया आसान एवं सरल हो गई एवं इसमें पारदर्शिता आई। इस परियोजना के तहत पासपोर्ट से संबंधित सरकारी अधिकारियों, आवेदकों के विवरणों के सत्यापन के लिए राज्य पुलिस एवं पासपोर्ट की प्रदायगी के लिए भारतीय डाक को एक नेटवर्क के अंतर्गत एक साथ जोड़ा गया ताकि देशभर में पासपोर्ट जारी करने के लिए इनके बीच एक समन्वय स्थापित किया जा सके।

 भारत से बाहर जाने वाले या जाने की इच्छा रखने वाले सभी भारतीय नागरिकों को एक वैध पासपोर्ट या यात्रा संबंधी प्रलेख की आवश्यकता होती है। पासपोर्ट अधिनियम 1967 के अंतर्गत भारत सरकार विभिन्न तरह के पासपोर्ट या यात्रा संबंधी प्रलेख, जैसे - सामान्य पासपोर्ट, राजनयिक पासपोर्ट, सरकारी पासपोर्ट, आपातकालीन प्रमाण-पत्र एवं पहचान प्रमाण-पत्र पहचान के उद्देश्य से जारी कर सकती है।

 पासपोर्ट के लिए आवेदन की प्रक्रिय

व्यक्तिगत रूप से पासपोर्ट के लिए आवेदन करें

  1. व्यक्तिगत रूप से नए पासपोर्ट या पासपोर्ट पुनः बनवाने हेतु आवेदन करने के लिए पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर उपलब्ध लिंक प्रिंट एप्लीकेशन फॉर्म पर क्लिक करें एवं आवेदन प्रपत्र डाउनलोड करें। डाउनलोड किया गया प्रपत्र मानक ए4 आकार के कागज पर आगे एवं पीछे की ओर मुद्रित होना चाहिए।
  2. आप 10 रुपये का शुल्क देकर जिला पासपोर्ट प्रकोष्ठ से भी प्रपत्र खरीद सकते हैं।
  3. इस आवेदन प्रपत्र को भरकर इसे अपने मूल प्रलेखों, जैसे - जन्म के प्रमाण, फोटो पहचान-पत्र, आवास का प्रमाण एवं राष्ट्रीयता का प्रमाण की स्वयं-सत्यापित प्रति के साथ जिला पासपोर्ट प्रकोष्ठ के काउंटर पर जमा कर दें।
  4. जिला पासपोर्ट प्रकोष्ठ के काउंटर के अधिकारी आपके आवेदन प्रपत्र, फोटो एवं प्रलेखों की जाँच करेंगे। सभी चीजों की जाँच करने एवं पूर्ण रूप से सही पाये जाने के पश्चात आपको डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) के माध्यम से इसके शुल्क का भुगतान करना होगा।
  5. डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) के पीछे आवेदक का नाम, जन्म-तिथि, आवेदन प्रपत्र जमा करने की तिथि लिखनी आवश्यक है।
  6. आप ऑनलाइन फीस कैलकुलेटर के माध्यम से पासपोर्ट सेवाओं के लिए लगने वाले शुल्क की गणना कर सकते हैं।
  7. शुल्क का भुगतान करने के बाद अपना पावती पत्र प्राप्त कर लें जिस पर फाइल नंबर लिख होता है। इस फाइल नंबर की मदद से आप अपने फाइल की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

तत्काल पासपोर्ट

 तत्काल पासपोर्ट सेवा एक योजना है जो पासपोर्ट के उन आवेदकों के लिए उपलब्ध है जिन्हें पासपोर्ट की तत्कालीन आवश्यकता है। तत्काल योजना के तहत पासपोर्ट जारी करने का अंतिम अधिकार पासपोर्ट कार्यालय के पास होता है।

पुलिस द्वारा जाँच करने की आवश्यकता नहीं होने पर तत्काल योजना के तहत पासपोर्ट आवेदन जमा कराने की तिथि के बाद के एक कार्य दिवस के अन्दर जारी किया जाता है और अगर पुलिस द्वारा जाँच करने की आवश्यकता होती है, तो पासपोर्ट आवेदन जमा कराने की तिथि के बाद के तीन कार्य दिवस के अन्दर जारी किया जाता है। इसमें पासपोर्ट पुलिस द्वारा की गई जाँच की रिपोर्ट का इंतजार किये बिना जारी किया जाता है।

तत्काल योजना के तहत नागरिक नए पासपोर्ट या पासपोर्ट पुनः बनवाने के लिए विभिन्न माध्यमों, ई-प्रपत्र प्रस्तुतीकरण या ऑनलाइन प्रपत्र प्रस्तुतीकरण या व्यक्तिगत तौर, से आवेदन कर सकते हैं।

आप तत्काल योजना के तहत पासपोर्ट सेवाओं के लिए लगने वाले शुल्क की गणना ऑनलाइन फीस कैलकुलेटर के माध्यम से कर सकते हैं।

 पुलिस अनुमति (क्लीयरेंस) प्रमाण-पत्र

पासपोर्ट एक महत्वपूर्ण प्रलेख है। अतः यह गलत हाथों में न चला जाए, इसलिए पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस द्वारा जाँच एवं सत्यापन की आवश्यकता होती है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किया गया है या पासपोर्ट पुनः बनवाने के लिए आवेदन किया गया है, उस आधार पर पासपोर्ट कार्यालय यह निर्णय लेता है कि पासपोर्ट जारी करने से पहले पुलिस द्वारा जाँच की आवश्यकता है या नहीं।

आप ई-प्रपत्र प्रस्तुतीकरण या ऑनलाइन प्रपत्र प्रस्तुतीकरण या व्यक्तिगत तौर से पुलिस अनुमति (क्लीयरेंस) प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं।

पहचान प्रमाण-पत्र

सामान्यतः भारत में रहने वाले तिब्बती शरणार्थी को जारी किया जाता है। यह पहचान प्रमाण-पत्र दिल्ली में स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा परम पूज्य दलाई लामा की सिफारिश पर जारी किया जाता है। तिब्बती शरणार्थी के अलावा ऐसे लोग, जो भारत के राज्य की सीमा से बाहर रह रहे हैं, अपने निवास स्थान के पासपोर्ट कार्यालय में पहचान प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं।

पहचान प्रमाण-पत्र को जारी करना विदेश मंत्रालय (कांसुलर, पासपोर्ट एवं वीज़ा प्रभाग) की मंजूरी पर निर्भर करता है। इसके अलावा भारत लौटने पर अनापत्ति के लिए राज्य सरकार (गृह विभाग / पुलिस) / विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय की भी मंजूरी आवश्यक है। इसके लिए पर मुहर लगाई जाती है।

आप ई-प्रपत्र प्रस्तुतीकरण या ऑनलाइन प्रपत्र प्रस्तुतीकरण या व्यक्तिगत तौर से के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आप ऑनलाइन फीस कैलकुलेटर के माध्यम से पहचान प्रमाण-पत्र के लिए लगने वाले शुल्क की गणना कर सकते हैं।

 मोबाइल पासपोर्ट सेवा

 विदेश मंत्रालय ने एमपासपोर्ट सेवा नामक मोबाइल एप्लीकेशन शुरू किया है जिसकी मदद से स्मार्टफोन प्रयोगकर्ता पासपोर्ट से संबंधित सभी जानकारी अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकते हैं।

एम पासपोर्ट सेवा मुख्य रूप से उन लोगों के लिए बनाई गई है जो पासपोर्ट से संबंधित सिर्फ जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। इस एप्लीकेशन का उपयोग करना अत्यंत आसान है। आप इसकी मदद से पासपोर्ट सेवा केन्द्रों की अवस्थिति, शुल्क, आवेदन की स्थिति, संपर्क विवरणी एवं अन्य सामान्य जानकारियाँ प्राप्त कर सकते हैं।

 अपनी प्रतिक्रिया दें या अपनी शिकायत दर्ज करवाएँ

आप पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं या अपनी प्रतिक्रिया भेज सकते हैं। आप पासपोर्ट संबंधी कोई भी जानकारी प्राप्त करने के लिए कॉल सेंटर नंबर 1800-258-1800 पर संपर्क कर सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में पासपोर्ट सेवा

 विदेश मंत्रालय ने सामान्य सेवा केंद्र - ई-गवर्नेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों में एक लाख से ज्यादा सामान्य सेवा केन्द्रों के वृहत नेटवर्क की मदद से पासपोर्ट संबंधित सेवाओं की शुरुआत की है। सर्वप्रथम यह सेवा पायलट मोड में उत्तर प्रदेश एवं झारखण्ड के चुनिंदा 15 सामान्य सेवा केंद्र में शुरू की गई। मार्च 2014 के अंत तक इसे देश के हर हिस्से में शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित है।