• नगरपालिकाबोर्ड द्वारा शहर के सौन्दर्य को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे कार्यों में 56 लाख के कार्य और जुड़ गए हैं। नगरपालिका द्वारा शहर की सीमा पर जयपुर एवं पाली की तरफ विशाल एवं भव्य प्रवेश द्वारों का निर्माण करवाया जाएगा। पालिकाध्यक्ष श्री दिनेश कुमार मीणा ने बताया कि शहर में चारों ओर सौन्दर्यकरण का कार्य चल रहा है। नगरपालिका सीमा में पाली एवं जयपुर की तरफ से प्रवेश सीमा पर 26 -26 लाख की लागत से दो प्रवेश द्वारों का निर्माण करवाया जाएगा।

ट्राइफेड राजस्थान

बहुराज्यीय सहकारी समिति अधिनियम, 1984 के तहत् राष्ट्रीय स्तर के शीर्षस्थ निकाय के रूप में वर्ष 1987 में ट्राइफेड की स्थापना की गई।

बहुराज्यीय सहकारी समिति अधिनियम, 2007 के अधिनियमित होने के बाद ट्राइफेड को इस अधिनियम में पंजीकृत कर इसे राष्ट्रीय सहकारी समिति के रूप में अधिनियम की दूसरी अनुसूची में अधिसूचित किया गया।

नए बहुराज्यीय समिति अधिनियम,2002 (इसे बहुराज्यीय सहकारी समिति के नियम 2002 के साथ पढ़ा जाए) से सुसंगत बनाने के लिए अप्रैल, 2003 में ट्राइफेड की नियमावली में परिवर्तन किया गया। इसके अनुसार, ट्राइफेड ने जनजातियों से लघु वनोत्पाद और अधिशेष कृषि उत्पादों की खरीद बंद कर दी है। यह खरीद अब राज्य स्तर की जनजातीय सहकारी/समिति फेडरेशन द्वारा की जाती है। ट्राइफेड अब जनजातीय उत्पादों के लिए बाजार का विकास करने वाले और सदस्य फेडरेशनों को सेवा प्रदान करने वाली इकाई के रूप में कार्य कर रहा है।

ट्राइफेड अपनी दुकानों (ट्राइव्स इंडिया) के जरिए जनजातीय लोगों द्वारा बनाए गए उत्पादों (प्राकृतिक और जैविक  उत्पाद, हस्तशिल्प आदि) के विपणन विकास में लगा है।

हमारी संस्था पिछले 10 वर्षों से समाज सेवा एवं महिला जागृति एवं रोजगार हेतु लगातार कार्य करती आ रही है तथा पीताम्बरा फाउंडेशन द्वारा सामाजिक गतिविधियों में विशेष सक्रियता के नाते चिकित्सा शिविर, सीनियर सिटीजन के कल्याणर्थ सेवा, रक्तदान शिविर, जरूरतमंद बालकों के शैक्षणिक विकास, अन्नक्षेत्र योजना में जरूरतमंद लोगों को राशन वितरण, महिला सशक्तिकरण हेतु सिलाई प्रशिक्षण, घरेलू वस्तुओं के निर्माण के लिए प्रशिक्षण, कढ़ाई बुनाई एवम् पाक कला प्रशिक्षण सहित कई गतिविधियाँ फाउंडेशन द्वारा संचालित की जा रही है तथा पीताम्बरा फाउंडेशन एवम् सास टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में स्वच्छता मिशन के तहत सम्पूर्ण राजस्थान में ग्राम पंचायतों एवम् नगरपालिकाओं में स्वच्छता से स्वस्थता कार्यक्रम चलाकर जन जाग्रति का प्रयास संस्थान द्वारा किया जा रहा है।

संस्थान की सामाजिक गतिविधियों एवम् सेवा में सक्रियता के लिए राजस्थान के माननीय राज्यपाल श्री कल्याण सिंह जी द्वारा विशेष सम्मान के आलावा कई मंचों द्वारा सम्मान प्राप्त हुआ । संस्थान जयपुर के अलावा  दोसा, भरतपुर ,जयपुर में विगत कई वर्षों से महिलाओं को व्यवसायिक ट्रेनिंग देती आ रही है संस्था जल ग्रहण विकास परियोजनाओं में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, जिला अलवर एवं जयपुर में स्वरोजगार के क्षेत्र में, महिलाओं को कुशलता विकास स्वरोजगार प्रशिक्षण, जोधपुर जयपुर में विलुप्त होती लोकगीत एवं लोक नृत्य का प्रदर्शन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम , जैविक खेती एवं उत्पादन प्रशिक्षण कार्यक्रम से जैविक खेती जागरूकता कार्यक्रम ,जयपुर जिले के सांगानेर सांभर ,सांभर लेक क्षेत्र में महिलाओं को स्वरोजगार हेतु व्यवसाय प्रशिक्षण दिया ,सवाई माधोपुर में कार्य कर चुकी है जयपुर में NULM योजना प्रगति पर है संस्था को प्रशिक्षण कार्यक्रमों का काफी अनुभव है ।